मुंबई – महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल कालबादेवी में आचार्य श्री दीप प्रज्वलन का कार्यक्रम वहां पर उपस्थित सभी मुख्य अतिथि गणों
महाप्रज्ञजी की १०६ वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय
के कर कमलों द्वारा असतो मां सवगमय ‘की धुन पर किया गया।
के प्रांगण में पुण्यतिथि का भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी के एक छोटे से
उपलक्ष्य में विद्यालय के मुख्य अतिथि गण को सम्मान पूर्वक सभागार
संभाषण द्वारा की गई जिसमें उन्होंने आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी को नमन
तक लाया गया। मुख्य अतिथि के रूप में आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि
करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा ‘तेरापंथ
फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री कुंदनमल जी धाकड़, निवर्तमान अध्यक्ष श्री
मेरा पंथ बन गया। आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी को याद करते हुए उन्होंने
किशन लालजी डागलिया, कार्यअध्यक्ष श्री गणपत लालजी
कहा कि उनका जीवन, विचार, चिंतन, समाज के लिए है मानवता के
डागलिया, सी.ए. श्री सुमेर सुराना जी, श्री रमेश मेहता जी, मंत्री श्री लिए है।
लक्ष्मी लालजी डागलिया, डॉक्टर श्री एस.के.जैन जी, सभा अध्यक्ष
जिन शासन को समर्पित एक नृत्य प्रस्तुतीकरण द्वारा मंगल हेतु
दक्षिण मुंबई श्री सुरेश जी डागलिया, श्री प्रकाश जी कुंडेलिया, सभा कल्याण सभी बच्चों ने इस भावना के साथ अपने कार्यक्रम का
मंत्री श्री दिनेश जी धाकड़, युवक परिषद अध्यक्ष श्री गिरीश जी
समापन किया। सभागार में उपस्थित सभी मुख्य अतिथिगणों ने समूह
सिसोदिया, श्री उत्सव जी धाकड़, महिला मंडल अध्यक्षा श्रीमती
चित्र लेकर उस पल को यादगार बना दिया। विद्यालय की निर्देशिका
वनिता जी धाकड़, मंत्री श्रीमती संगीता राठौड़, श्री प्रकाश जी
महोदया डॉक्टर बनीता मनसुखानी जी ने अपने भाषण में कहा
कुंडेलिया विद्यालय की निर्देशिका महोदया डॉक्टर श्रीमती वनिता
“आज वे बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। “विद्यालय को
मनसुखानी प्रधानाध्यापिका श्रीमती सरोज माचाड़ों ने अपनी
चलाना एक जिम्मेदारी और गौरवपूर्ण बताया ,उन्होंने अपने
उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की शुरुआत नवकार मंत्र से की गई, संभाषण में कहा छात्रों में सभी मूल्यों का नैतिक विकास करना और
छात्राओं ने अपने नृत्य प्रस्तुतीकरण से सभागार में भक्तिमय होगया।
अनुशासन को महत्वपूर्ण माना। उन्होंने छात्रों से अनुरोध करते हुए
यह कार्यक्रम विद्यालय में एक विशेष अवसर पर आयोजित
आत्म संयम पर जोर देने की बात कही। उपस्थित सभी मुख्य
किया गया। विद्यालय महाप्रज्ञ के नाम पर रखा गया है, उन्हीं की
अतिथि गणों का सम्मान पूर्वक आदर सत्कार किया गया। अंत में
पुण्यतिथि पर आयोजित किया गया। आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी का
कार्यक्रम का समापन करते हुए कार्यक्रम संचालन की बागडोर
जीवन परिचय (14 जून 1920 – 9 मई 2010) जैन धर्म के श्री जैन
संभाले हुए कक्षा दसवीं की जिया और तृषा ने सभी को धन्यवाद
श्वेताम्बर तेरापंथ संप्रदाय के दसवें आचार्य थे। आचार्य श्री महाप्रज्ञजी
दिया कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी का आभार व्यक्त
एक संत, योगी, आध्यात्मिक दार्शनिक, लेखक, वक्ता और कवि थे। किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम को विराम दिया गया।
कालबादेवी में मनाया गया आचार्य श्री महाप्रज्ञ जीवन दर्शन कार्यक्रम

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