मुंबई – राजस्थान के राज्यपाल महामहिम हरिभाऊ बागड़े ने मूलतः
राजस्थान के लेकिन महाराष्ट्र की धरती पर व्यवसाय के अलावा समाज
सेवा के क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ने वाले श्री पुरुषोत्तमदास पुरोहित के नाम
से जारी डाक टिकट का आज मुम्बई में विमोचन किया। इस कार्यक्रम में
महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, राज्यसभा सदस्य डॉ.
भागवत कराड और पोस्ट मास्टर जनरल (नवी मुंबई) सुचिता जोशी भी
मारीक हुईं। इसी समारोह में पुरुषोत्तमदास पुरोहित पर लिखी जाने वाली
पुस्तक आदर्श मानवः पुरुषोत्तमदास पुरोहित के आवरण चित्र का भी
विमोचन किया गया। पी. एच. पुरोहित (रावतसिंह) चेरिटेबल ट्रस्ट के
न्यासी विनोद पुरोहित, घनश्याम पुरोहित, जगदीश पुरोहित व न्यास की
ओर से भरत, मनीष, सनम, संग्रामसिंह एवं आशुतोष पुरोहित के
उपस्थिति में संपन्न हुआ।
पुरुषोत्तमदास जी उर्फ रावतसिंह जी पुरोहित मूल निवासी बसंत
जिला पाली, एक कर्मयोगी, एक गुमनाम स्वतंत्रता सेनानी, एक दूरदर्शी
उद्यमी और एक समर्पित परोपकारी व्यक्ति। वे एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने
कड़ी मेहनत और समाज के सभी वर्गों की निस्वार्थ सेवा के लिए अपना
जीवन समर्पित किया।
यह समारोह एक व्यवसायी, सामाजिक नेता और देशभक्त के रूप
में श्री पुरुषोत्तमदास एच पुरोहित के स्थायी प्रभाव का प्रमाण है जिसे अब
उनके नाम वाले डाक टिकट के माध्यम से अमर कर दिया गया है।
भारत के राष्ट्र निर्माण में राजस्थान के लोगों के सबसे बड़े योगदान
की रेखांकित करते हुए महामहिम ने कहा कि पुरुषोत्तमदास पुरोहित एक
ऐसे कर्मयोगी थे जिसने मुंबई में व्यवसाय में सफलता के पैमाने की हर
स्वरूप में समाज के सर्वांगीण विकास के साथ जोड़ा और स्वतंत्रतासंग्राम
का एक अदद सिपाही होने बावजूद अपनी भूमिका का प्रचार और प्रसार
करने से बचते रहे। वे सफल व्यवसायी होने के साथ समाज के सच्चे
जननायक भी थे और भारत सरकार ने आज डाक टिकट निकालकर
उनके योगदान को अमर कर दिया।
नार्वेकर ने दक्षिण मुम्बई के इस युगपुरुष की जीवनी को ध्रुव तारे के
संज्ञा देते हुए कहा कि समाज ऐसे ही लोगों की वजह से बनता है।
पुरुषोत्तमदास की प्रथम पुण्यतिथि 23 जुलाई 1991 पर कालबादेवी
स्थित इनके आदर्श होटल के पास रोड का नाम ‘श्री पुरुषोत्तमदास
एच. पुरोहित मार्ग’ दिया गया था।
पूर्व वित्त राज्य मंत्री तथा राज्य सभा सांसद डॉ भागवत कराड ने
कहा की समाज के विकास में जिन महा पुरुषों ने अपना योगदान दिया है
उनमें एक प्रमुख नाम पुरुषोत्तमदास पुरोहित जी का भी है जो की मारवाड़
की पावन धरती सुमेरपुर बसंत से आर्थिक राजधानी मुंबई मेंआकर
समाज सेवा को जीवन का आधार बना कर कार्य प्रारम्भ किया और
समाज सेवा के साथ देश सेवा के भाव को जागृत करते हुए केवल मुंबई
नहीं बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में गो सेवा धार्मिक प्रतिबद्धता शिक्षा एवं
स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ प्रवासी व्यक्तियों को रोजगार से जोड़ने में
अपनी बहुत बड़ी भूमिका का निर्वाह किया।