राजस्थान के सिरोही मुख्यालय के बालाजी सेक्टर स्थित विश्वास टाऊनशिप में इस बार गणपति बप्पा की मूर्ति का विसर्जन ईको फ्रेंडली तरीके से किया गया। विश्वास टाऊनशिप के अध्यक्ष जेडी चारण ने बताया कि पिछले सात दिनों से गणपति बप्पा की मूर्ति की स्थापना बड़े धूमधाम से की गई थी। इस दौरान विधि विधान से पूजा अर्चना की गई और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें मातृशक्ति और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
सात दिनों की पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक आयोजनों के बाद, गणपति विसर्जन के लिए विशेष ध्यान दिया गया कि यह पूरी प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल हो। इस वर्ष, ईको फ्रेंडली दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, मिट्टी की मूर्ति की स्थापना की गई थी। विसर्जन के दिन भी इस परंपरा को ध्यान में रखते हुए सभी प्रक्रिया को पर्यावरण हितैषी तरीके से सम्पन्न किया गया।
विशेषज्ञों और धार्मिक परंपराओं के अनुसार, गणपति बप्पा का विसर्जन शास्त्रों में निर्दिष्ट नहीं है, और देवताओं को घर से भेजने की प्रथा भी नहीं है। फिर भी, कई वर्षों से यह परंपरा बनी हुई है कि गणपति की मूर्ति का विसर्जन तालाबों में किया जाता है। इस बार विश्वास टाऊनशिप की सोसायटी ने इस परंपरा को बदलते हुए एक नया और पर्यावरणीय तरीका अपनाया।
सोसायटी की कमेटी ने निर्णय लिया कि गणपति बप्पा की मूर्ति की चारों ओर भक्तों के साथ नाचते गाते हुए परिक्रमा की जाएगी। इसके बाद, मंत्रोच्चार के साथ सोसायटी के महादेव मंदिर के पास पवित्र जल से मूर्ति पर जलाभिषेक किया गया। इस दौरान सभी भक्तों ने मिलकर इस धार्मिक अनुष्ठान को सम्पन्न किया। मूर्ति की मिट्टी को एकत्रित किया गया और उसे महादेव मंदिर के पास पौधों में समायोजित कर दिया गया। इस तरह, मूर्ति की मिट्टी को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से निपटाया गया।
विसर्जन के इस ईको फ्रेंडली तरीके ने न केवल पर्यावरण की रक्षा की, बल्कि भक्तों को भी एक नई दिशा दी। भक्तों ने इस विशेष पहल की सराहना की और इसे भविष्य के लिए एक आदर्श उदाहरण मानते हुए अगले साल फिर धूमधाम से गणपति बप्पा का जन्मोत्सव मनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर सोसायटी के अध्यक्ष जेडी चारण, उपाध्यक्ष जेठू सिंह गोडाना, मैनेजर रतन सिंह देवड़ा, सचिव रतन देवासी, कोषाध्यक्ष किरण कंवर राठौड़, जीवन पुरोहित, राजेंद्र कुमार पुरोहित, ओमप्रकाश मेवाड़ा, पवन कंवर, वीणा गोस्वामी, सुरेश कुमार, पृथ्वी सिंह, चंदन सिंह, प्रभु राम प्रजापत, लक्ष्मण पुजारी, सुरेश कुमार ओझा और अन्य कई भक्त गण उपस्थित थे। सभी ने मिलकर गणपति विसर्जन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और भविष्य में भी इसी प्रकार की ईको फ्रेंडली गतिविधियों को जारी रखने का संकल्प लिया।
इस तरह, विश्वास टाऊनशिप में गणपति बप्पा का विसर्जन एक नई दिशा और पर्यावरणीय जागरूकता की ओर एक कदम बढ़ाते हुए सम्पन्न हुआ, जो भविष्य के आयोजनों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।